ऊना का नशा निवारण केन्द्र फिर सवालों के घेरे में

नशा निवारण केंद्र कहीं प्रशासन के लिए आफत ना बन जाए


ऊना का नशा निवारण केन्द्र फिर सवालों के घेरे में… आखिर क्यों भागे 30 मरीज…

(ऊना)ललित ठाकुर


जिला ऊना में में चल रहे नशा निवारण केंद्र एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं।
ज्यादातर नशा निवारण केंद्रों का संचालन बाहरी पंजाब के लोगों द्वारा किया जा रहा है देखने में आया है कि हिमाचल के कुछ रसूखदार और राजनीति से संबंधित लोगों को साथ मिलाकर यह कार्य किया जा रहा है।

नशा निवारण केंद्रों का संचालन भगवान भरोसे…

ऐसा नहीं है कि प्रत्येक नशा निवारण केंद्र में सबकुछ गलत ही चल रहा है, लेकिन जहां भी गलत हो रहा है इसे देखने का समय न तो स्वास्थ्य विभाग के पास है और न जिला प्रशासन ही इस मामले में संजीदा नजर आ रहा है। कुछ पुनर्वास केंद्र तो ऐसे भी हैं, जिनके पास केंद्र को चलाने के लिए पर्याप्त दस्तावेज ही नहीं हैं। ऐसे केंद्रों में न तो नशे के आदी हुए युवाओं से नशा छुड़ाने के कोई चिकित्सीय इंतजाम हैं और न इनके पास निर्धारित स्टाफ ही होता है। बुध और वीरवार की रात ऊना जिला मुख्यालय के निकट स्थित एक नशा निवारण केंद्र से करीब 30 युवा केंद्र के भवन की ग्रिल तोडक़र फरार हो गए।

ऐसे में नशा निवारण केंद्र के संचालकों के साथ साथ प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठना लाजिमी है। सर्वप्रथम जांच का विषय तो यह है कि उक्त नशा पुनर्वास केंद्र के पास सरकार द्वारा तय मापदंडों के अनुरूप व्यवस्थाएं हैं या नहीं?

दूसरे उक्त केंद्र में दो दर्जन नशे के आदी युवकों को रखा गया है तो उस केंद्र की सुरक्षा की दृष्टि में केंद्र के संचालकों द्वारा क्या व्यवस्थाएं की गई थीं। चंद माह पहले भी उक्त केंद्र में एक युवक की मौत हो गई थी। हालांकि युवक के परिजनों ने मामले को पुलिस तक नहीं पहुंचाया, लेकिन सवाल है कि यदि केंद्र में किसी युवक की मौत हुई थी तो उसका पोस्टमार्टम आदि करवाया गया या नहीं। कुछ ऐसे ही सवाल हैं जो इन केंद्रों के संचालन को कथित रूप से अवैध दर्शाते हैं।

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