कुल्लू

नगर पंचायत आनी को 14 लाख 67 हजार और नगर पंचायत निरमण्ड को 13 लाख 20 हजार की ग्रांट जारी

15वें वितायोग के अंतर्गत जारी हुई ग्रांट की पहली किश्त

चुनावों से पहले ही आनी और निरमण्ड नगर पंचायतों को मिला विकास के लिए पैसा

प्रदेश की 27 नगर पंचायतों को जारी हुई 6 करोड़ 60 लाख 69 हजार रुपयों की ग्रांट की पहली किश्त

स्वतंत्र हिमाचल
(आनी) विनय गोस्वामी

नवगठित नगर पंचायत आनी और निरमण्ड के हालांकि अभी चुनाव तक भी नहीं हो पाए हैं। बावजूद इसके नगर पंचायतों में विकास कार्यों को अंजाम देने के लिए लाखों रुपयों की धनराशि की पहली किश्त जारी हो चुकी है।
आनी विधानसभा क्षेत्र के आनी और निरमण्ड नगर पंचायतों में विभिन्न विकास कार्यों को शुरू करने के लिए कुल 27 लाख 87 हजार 6 सौ साथ रुपयों की ग्रांट जारी हुई है।
जिसमे से नगर पंचायत आनी को 14 लाख 67 हजार छः सौ सोलह रुपयों और नगर पंचायत निरमण्ड को 13 लाख 20 हजार चवालीस रुपयों की ग्रांट जारी हुई है।


यह धनराशि 15 वें वितायोग के तहत पहली किश्त के रूप में जारी हुई है।
यह धनराशि नगर पँचायतों में स्ट्रीट लाइटों, सीवेज, नालियों रास्तों या सौंदर्यीकरण सहित कई अन्य विकास कार्यों पर खर्च की जा सकेगी।
15 वें वितायोग से प्रदेश की 27 नगर पँचायतों के लिए 6 करोड़ 60 लाख 69 हजार रुपयों की ग्रांट जारी हुई है।

आनी और निरमण्ड को नगर पँचायत बनाने की बरसों से चली आ रही मांग को 25 अगस्त को प्रदेश सरकार ने कैबिनेट से मंजूरी देकर अधिसूचना जारी कर दी थी और आपत्तियां आमंत्रित की थी। जिसके बाद आपत्तियों पर गौर किया गया था। जिनमे से अधिकांश आपत्तियां राजनीतिक लाभ की मन्शा से दर्ज की गई प्रतीत हुईं। जबकि कुछेक लोग आपतियों का समय कई महीनों पहले समाप्त हो जाने के बावजूद आज भी लोगों को नगर पंचायत में अत्याधिक टैक्स, मनरेगा, बीपीएल से हटाए जाने सहित भवन निर्माण आदि को लेकर भड़का रहे हैं। जबकि चुनाव ना होने के बावजूद नगर पंचायत के विकास के लिए धनराशि जारी होने से सरकार की मन्शा साफ है कि कस्बों में विकसित हो रहे गांवों को नगर पंचायत का दर्जा देकर शहरीकरण कर उनका भरपूर विकास करना है।

आनी और निरमण्ड नगर पँचायतों के विकास कार्यों पर खर्च करने के लिए 15 वे वितायोग के तहत ग्रांट जारी हुई है। जो खुशी की बात है।
चेत सिंह, एसडीएम , आनी

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