अर्की

रुष्ट कार्यकर्ताओं व स्थानीय लोगों द्वारा खड़े किये निर्दलीय प्रत्याशियों ने हासिल की विजय

(अर्की)कृष्ण रघुवंशी

जिला परिषद सदस्य चुनावो में स्थानीय नेताओ द्वारा भाजपा के कद्दावर नेताओ को दरकिनार कर नए लोगो को टिकट देने क्षेत्र के मतदाताओं व रुष्ट कार्यकर्ताओ के द्वारा खड़े किए गए निर्दलीय प्रत्याशी अमर सिंह ठाकुर को कुनिहार वार्ड से एवम आशा परिहार को डुमहर वार्ड से जीता कर अपना निर्णय सुना दिया।


ज्ञात रहे कि पूर्व मंत्री स्व0 ठाकुर हरिदास के पुत्र अमर सिंह व पूर्व मंत्री स्व0 नगीन चन्द पाल के पुत्री आशा परिहार भाजपा के उच्च पदों पर आरूढ़ रहे।लेकिन राजनीति के चलते स्थानीय नेताओं के द्वारा हर बार जिला परिषद व अन्य चुनावो इन लोगो की अनदेखी होती रही हैं।
औऱ इस बार भी दोनों प्रत्याशियो को दरकिनार कर नए प्रत्याशियो को टिकट देकर लोगो मे रोष उतपन्न हो गया था जिसके चलते लोगो ने अमर सिंह को कुल 17991 मतों में से 7100 मत व आशा परिहार को 18186 मतों में से 6124 मत देकर विजयी कर दिया। वही अमर सिंह के विरुद्ध भाजपा द्वारा दिये गए प्रत्याशी रविन्द्र परिहार को 5081 मत और आशा परिहार के विरुद्ध दिए ओम प्रकाश शर्मा को 4290 मत दिए।

भाजपा के रुष्ट कार्यकर्ता व स्थानीय लोगो का कहना है स्थानीय नेताओ ने यदि अमर सिंह व आशा परिहार को ही दल की ओर से टिकट दिया होता तो आज अमर सिंह ठाकुर 12181 मतों से और आशा परिहार 10414 मतों से विजय प्राप्त करते लेकिन गलत निर्णय के चलते भाजपा द्वारा दिये गए प्रत्याशियो को लोगो के रोष के चलते हार का मुंह देखना पड़ा। दूसरी और रतवाड़ी वार्ड से तीसरी उम्मीदवार जोकि पूर्व मण्डल अध्यक्ष की पत्नी है वह भी निर्दलीय रूप से विजित हुई स्थानीय नेताओं द्वारा पूर्व मण्डल अध्यक्ष की अनदेखी भी अर्की भाजपा को महंगी पड़ी वहां भी दल द्वारा दिये गए प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा।

अब भाजपा आलाकमान को दल द्वारा विजयी होने वाले कार्यकताओ को टिकट न देने के कारण भाजपा की छवि को पहुंची क्षति के बारे में मंथन करना चाहिए क्योकि भाजपा के द्वारा दिये गए तीनो प्रत्याशियो की हर व भाजपा के वह लोग जिन्हें टिकट नही मिली और वह स्वतन्त्र चुनाव लड़ कर विजयी होना यह दर्शाता है उनका क्षेत्र में जनाधार हैं।तथा दल का कम जनाधार वाले लोगो को टिकट देने का निर्णय गलत था।ताकि आने वाले विधानसभा चुनावों में इसका खामियाजा न उठाना पड़े।
आशा परिहार का कहना है। वह जन्मजात भाजपाई है तथा वह भाजपा के सच्चे सिपाही हैं।लेकिन इस बार भी उन्हें जिला परिषद सदस्य का टिकट न देकर दरकिनार करना लोगो व कार्यकर्ताओ रास नही आया और सभी ने उन्हें जबरदस्ती खड़ा कर दिया और आशीर्वाद देकर उन्हें विजय भी दिलाई साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री, स्थानीय नेता, स्थानीय लोगो व कार्यकर्ताओ का धन्यावाद किया।

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