प्रदेश विश्विद्यालय में सहायक प्रोफेसर बने आनी के युवा डॉ. विक्रांत शर्मा

स्वतंत्र हिमाचल
(आनी) विनय गोस्वामी

होनहार बिरबान के होत चिकने पात” जी हाँ यह युक्ति आनी के युवा डॉ, विक्रान्त पर बिल्कुल स्टीक बैठती है। डॉ. विक्रान्त शर्मा मात्र 36 वर्ष की आयु में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में ऑर्गेनिक केमिस्ट्री में सहायक प्रोफेसर के पद पर तैनात हुए हैं। जो समूचे आनी क्षेत्र के लिए बड़े गौरब की बात है।डॉ, विक्रान्त शर्मा इससे पूर्व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड परवाणू में पिछले एक साल से बतौर जूनियर सांईटिफिक ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे।वहीं उन्होंने महाराजा अग्रसेन यूनिवर्सिटी बद्दी में भी चार साल तक बतौर सहायक प्रोफेसर अपनी सेवाएं दी हैं।

19 अक्तुबर 1984 को आनी खोबडा निवासी सीताराम शर्मा व उर्मिला शर्मा के घर जन्में विक्रान्त शर्मा बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के धनी थे।इन्होंने अपनी दसवीं तक कि शिक्षा आनी स्थित सरस्वती विद्या मंदिर और जमा दो की परीक्षा राजकीय आदर्श जमा दो विद्यालय आनी से अच्छे अंकों में उत्तीर्ण की।जबकि स्नातक की शिक्षा एलएमसी कॉलेज सुंदरनगर और केमिस्ट्री में एमएससी व एमफिल की शिक्षा प्रदेश विश्वविद्यालय से ग्रहण की।विक्रान्त शर्मा ने अपने माता पिता की प्रेरणा से अपनी उच्च शिक्षा का सिलसिला जारी रखा और वर्ष 2015 में ऑर्गेनिक केमिस्ट्री में पीएचडी की सर्वोच्च मानक उपाधि प्राप्त की। वर्ष 2015 में ही डॉ,विक्रांत घुमारवीं बिलासपुर की बेटी प्रियंका शर्मा संग परिणय सूत्र में बंधे और इसी वर्ष ही महाराजा अग्रसेन यूनिवर्सिटी में भी सहायक प्रोफेसर के पद पर तैनात हुए। इनके पिता सीता राम शर्मा पेशे से एक सरकारी ठेकेदार हैं, जबकि माता उर्मिला शर्मा एक कुशल गृहणी हैं।वहीं इनके छोटे भाई सोनू शर्मा ड़े स्टार स्कूल मनाली में लेक्चरर के पद पर कार्यरत हैं। डॉ, विक्रांत शर्मा के हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में ऑर्गेनिक केमेस्ट्री में सहायक प्रोफेसर के पद पर नियुक्ति होने पर उनके परिवार में खुशी का माहौल है।बेटे की उपलब्धि पर उनके माता पिता खुशी से फूले नहीं समा रहे।रिश्तेदार व मित्रगण उन्हें फोन पर बधाईयां दे रहे हैं।आनी क्षेत्र को डॉ, विक्रान्त शर्मा जैसे होनहार युवा पर नाज है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!