जिला कांगड़ा में रिकॉर्ड तोड़ हुईं 23475 क्विंटल गेहूं की खरीद ,खरीद अभी भी जारी: भारद्वाज

सरकार द्वारा किसानों को न्यूनतम खर्च पर फसल का मिल रहा उचित मूल्य

(कांगडा)मनोज कुमार

जिला कांगड़ा आमतौर पर गेहूं और धान की फसल की उपज के लिए जाना जाता है अधिकतर जगह पर यहां  धान व गेहूं अधिक मात्रा में उगाया जाता है ।सब्जी और फल की फसल यहां बहुत कम मात्रा में ही होती है जिला कांगड़ा के छोटा भगाल, धर्मशाला और कांगड़ा को छोड़कर सभी जगह धान और गेहूं की फसल होती है। इस सबको देखते हुए हिमाचल प्रदेश राज्य मार्केटिंग बोर्ड ने 2016 में फतेहपुर में अनाज मंडी का शुभारंभ किया ,ताकि जिला के किसानों को उनकी उपज का उचित दाम मिल सके ।लेकिन विडंबना यह रही कि 2016 से 2020 तक अनाज मंडी में किसानों की उपज की खरीद फरोख्त नहीं हो सकी।


।जिससे फतेहपुर और मंड क्षेत्र के लोग बहुत मायूस थे
लेकिन इस बार हिमाचल प्रदेश राज्य मार्केटिंग बोर्ड के सराहनीय प्रयासों से फतेहपुर अनाज मंडी में गेहूं की खरीद हो चुकी है जिला कांगड़ा में आज तक 23475 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई जो कि एक रिकॉर्ड है खरीद अभी भी जारी है ।जिला कांगड़ा में लगभग 40,50 हज़ार क्विटंल गेहूं की खरीद की उम्मीद है। अभी तक  लगभग 500 किसान लाभान्वित हो चुके हैं सरकार के प्रयास से किसानों को अब न्यूनतम खर्च पर फसल का उचित मूल्य मिल रहा है
भारतीय खाद्य निगम सरकार द्वारा निर्धारित ₹1975 प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीद कर रहा है जिससे किसानों में खुशी की लहर है और उन्हें घर के नजदीक ही ऐसी सुविधा मिल रही है, इससे पहले किसानों को पंजाब मैं अपनी उपज लेकर जाना पड़ता था जिससे न तो किसानों को उपज पर उचित मूल्य मिलता था और साथ में समय भी बर्बाद होता था ।वर्तमान सचिव कृषि उपज मंडी समिति कांगड़ा राजकुमार भारद्वाज ने प्रेस बयान में बताया कि सरकार द्वारा जिला कांगड़ा के किसानों की फसल और समस्याओं को देखते हुए जिला कांगड़ा में फतेहपुर अनाज मंडी में और स्थाई रूप से संचालित अनाज मंडी इंदौरा तहसील ठाकुरद्वारा में किसानों से गेहूं की खरीद की जा रही है। उन्होने ने बताया कि जिला कांगड़ा के फतेहपुर और क्षेत्र के गेहूं और धान की भरपूर फसल पैदावार होती है लेकिन क्षेत्र में गेहूं की खरीद नहीं हो पाती थी जिससे किसानों को मजबूरन साथ लगते राज्य में जाना पड़ता था ।भारी नुकसान भी उठाना पड़ता था। लेकिन इस बार सरकार ने किसानों की समस्याओं को देखते हुए ठाकुरद्वारा में दो खरीद केंद्र खोलकर तोहफा दिया है अब तक जिला कांगड़ा में पहली बार खरीद होने के बावजूद एक रिकॉर्ड कायम हुआ है ।सचिव ने कहा किसानों को 24 घंटे के भीतर उनकी फसल का पैसा उनके अकाउंट में जमा कर दिया जाता है जिससे किसानों के लिए मैं खुशी की लहर है। हिमाचल प्रदेश राज्य मार्केटिंग बोर्ड और कृषि उपज मंडी समिति कांगड़ा इसके लिए किए गए सराहनीय प्रयासों के लिए बधाई के पात्र हैं

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