इंदौराकाँगड़ा

सम्पूर्ण संगठन को एकजुट कर जमीनी स्तर और मजबूत करना ही लक्ष्य : विशाल राणा


आम आदमी पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करना मुख्य लक्ष्य

स्वतंत्र हिमाचल

(इन्दौरा)अजय शर्मा

प्रदेश के अंदर सभी कार्यकर्ताओं को एक जुट कर आपसी तालमेल से काम करना है। प्रदेश के अंदर अभी पूर्ण संगठन खड़ा करने की जरूरत है। इस समय किसी भी तरह के विखराव को सहन करने के शक्ति नही है। इज़ समय कार्यकर्ताओं को बाहर करने की बजाए दिल्ली को मेहनती व ईमानदार लोगों को संगठन में आगे लाने काम करना होगा। निष्क्रिय एबं दलाल लोग तो हर चौराहे पर मिल जाएँगे। हमे जी हुजूरी की नहीं मेहनत की जरूरत होगी।
इस समय प्रदेश की जनता दूसरे सभी दलों से दुखी हो चुकी है। इन सरकारों ने कर्ज़ पे कर्ज़ ले कर और विकास व जनविरोधी नीतियों के चलते हमेशा प्रदेश को हाशिये पे ही धकेल है। प्रदेश के अंदर आज बेरोजगारी खतरनाक रूप धारण कर चुकी है। आर्थिक स्तर गिरने से लोगों का जीवन स्तर बहुत ही गिर गया है।


ऊपर से महँगी शिक्षा महंगी स्वस्थ सेवाएं , महँगे खाद्य पदार्थ, महँगे ट्रांसपोर्ट, हर तरफ महंगाई ही महंगाई है। और लोगों को इनकम नाममात्र रह गयीं है। सरकारों की गलत नीतियों के कारण बड़े बड़े उद्योग बर्बाद हो चुके हैं व कुछ बर्वादी की कगार पर हैं। लोगों की दिनचर्या कठिन हो गयी है।
इन मुश्किलों भरे दौर में प्रदेश ही नहीं देश के केजरीवाल जी और आम आदमी पार्टी ही एकमात्र आशा की किरण है।
आप मिनी इंडिया दिल्ली में केजरीवाल की सरकार को भारत भी भाबी सरकार के मॉडल के तौर पर देख सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश देश में सबसे ज्यादा शिक्षित प्रदेश है। यहां धर्म, भगवान, हिन्दू- मुस्लिम, पाकिस्तान के नाम पर नहीं विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकारें बनतीं हैं। प्रदेश की राजनीति की मुख्य धुरी कर्मचारी हैं। हिमाचल के कर्मचारी बहुत ही शिक्षित, अनुशासित ,समय का पाबन्द, मेहनती और ईमानदार है। इन कर्मचारियों की बजह से ही प्रदेश कई क्षेत्रों में देश भर में अग्रणी है। सीमित संसाधनों के चलते मात्र कर्मचारियों की कार्यकुशलता के ही कारण प्रदेश ने कई मुकाम हासिल किए हैं। अफसोस की आज उन कर्मचारियों को कोई खास लाभ नही दिए जा रहे जिनके वो हकदार हैं। पुरानी पेंशन बहाली के बारे में सरकार को सोचना होगा। कर्मचारियों की प्रमोशन के लिए दशकों इंतज़ार करना क्या कर्मचारियों की क्षमता पर कुठाराघात नहीं है क्या?
आम आदमी पार्टी की सरकार आने पर प्रदेश की आर्थिकी कहलाने वाले कर्मचारी एबम प्राकृतिक संसाधन दोहन को मुख्यत ध्यान दिया जाना आवश्यक किया जाएगा। अगर विजली, पानी , शिक्षा, स्वास्थ्य जनहित योजना के तहत मुफ्त मिलेगा तो लोगों का आर्थिक पक्ष मजबूत होगा जिससे लोगों को काम धंधे बढ़ाने में आसानी होगी। जिससे फिर प्रदेश का आर्थिक विकास होगा।
इस समय संगठन में चापलूसी व चाटुकारों के लिए संगठन में गुंजाइश नही होनी चाहिए। सभी को मिलजुल कर कड़ी मेहनत करनी होगी। अगर एक साल ईमानदारी व मेहनत से जमीनी स्तर पर कार्य होता है निसन्देह हम प्रदेश के अंदर एक सशक्त राजनीतिक व्यवस्था की ओर बढ़ रहे होंगे। हाई कमान को प्रदेश की परिस्थिति के मुताबिक की संगठन को लेकर योजनाएं बनाने की जरूरत है।
जुलाई महीने से ही प्रदेश संगठन के अंदर युवा शक्ति ने रफ्तार पकड़ी , इस मुहिम में पूरे प्रदेश में आम आदमी पार्टी की लहर चल पड़ी। जिस तरह हर नया पुराना कार्यकर्ता एक दूसरे के सहयोग व मार्गदर्शन में इस संगठन को अपना घर समझ कर कार्य करने लगा था दूसरे दलों में खलबली मच चुकी थी। स्वयम दूसरे दल स्वीकार करने लग गए थे आम आदमी पार्टी को एक शशक्त विकल्प के रूप में। बूथ बूथ , घर घर, शहर शहर में आम आदमी पार्टी की चर्चा होने लगी थी। केजरीवाल जी की बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य , महिलाओं को बस या ट्रेन जैसी मुफ्त सुविधा हो या कोरोना को मात देने वाला ऑक्सिमिटर जांच अभियान। हिमाचल प्रदेश की जनता में एक नई आस जगा दी। आम आदमी पार्टी को हिमाचल में आस की किरण के रूप में देखा जाने लगा। प्रदेश की जनता ने प्रदेश में आम आदमी पार्टी को भाबी सरकार के रूप में देखना शुरू कर दिया। लोग यहाँ आम आदमी पार्टी के साथ अपना सुरक्षित भविष्य तलाशने लग गए।
हिमाचल की जनता का बिल्कुल सही आकलन है कि अगर आम आदमी पार्टी की सरकार प्रदेश के अंदर बनती है तो लोगों का जीवन हर तरह से सुरक्षित एबम सुगम हो जाएगा।
मेरा सभी बहुमूल्य कार्यकर्ताओं से विशेष आग्रह रहेगा कि बुलन्द होंसले के साथ मिल कर अपने इस संगठन के लिए दिन रात एक करें। हम सब मिल कर इस सपने को साकार करें। और प्रदेश में खुशहाली लाने की तैयारी करें।
माना कि अभी प्रदेश में संगठन को पूरी तरह से खड़ा करने में कुछ चुनौतियां हैं । जब हम मिल कर निस्वार्थ और एकेज़त हो कर चलेंगे तो चुनौतियां खुद ब खुद रास्ता देती हैं।
प्रदेश के युवा में क्रांतिकारी सोच है उस सोच को कैसे कार्य रूप में तब्दील करने है इस बात पर जोर देना होगा। बड़े बड़े ओहदे हथियाने के हथकंडे छोड़ कर हमे पार्टी के लिए नीति निर्धारण और धरातलीय कार्यन्वयन के लिए काम करना होगा।
आज मौजूदा हाल में संगठन सारे प्रदेश के अंदर एकदम शून्य व असहाय पड़ा है। क्या कारण हैं। क्यो एकाएक संगठन में ब्रेक लग गयी। ये विषय सब की जुबान पर है और हर कार्यकर्ता प्रखर विरोध भी कर रहा है। क्या सच में ही लोगों को संगठन से जरूरी अपनी अपनी कुर्सियां हैं?

कुर्सी बचाने के लिए संगठन के मुखिया को कोई कठपुतली नहीं बना सकता। अपनी कुर्सी बचने के दूसरों की बलि देना एक कुशल मुखिया का धर्म होता है ?अगर उसमे समझ हो। संगठन के मुखिया में राजनीतिक या संगठनात्मक समझ और तीव्र राजनीतिक इच्छाशक्ति होना जरूरी है। विज़न व पुख्ता सोच के बिना मुखिया किसी भटके हुए उद्देश्यहीन प्राणी की तरह होता है। एक कुशल मुखिया के कुशल नेतृत्व में घटिया व शरारती ताकतों के मंसूबे किसी भी प्रदेश या संगठन में पूरे नही हो सकते।
2022 को अगर मछली की आंख समझते हो तो हर कार्यकर्ता को अर्जुन और मुखिया को युधिष्टर बनना होगा ताकि शकुनियों, शिखण्डियों और दुर्योधनों को पछाड़ सकें । तभी इनके कुशासनों का अंत होकर राम राज्य या आम राज्य स्थापित होगा।

हमारी युवा विंग की टीम वरिष्ठ बॉडी के मार्गदर्शन में प्रदेश के अंदर मुद्दों को क्रम बार उठाने की सारी प्लानिंग बनाचुकी है। कोई फर्क नहीं पड़ता चाहे हम युवा विंग में हों या पैरेंटल बॉडी में।

युवा विंग ने प्रदेश में जनहित के मुद्दों को बहुत ही कुशलता से उठाया है, गुड़िया प्रकरण के विरोध में शिमला हाई कोर्ट से सचिवालय और उपायुक्त कार्यालय तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन ,हाथरस कांड के विरोध में केंडल मार्च, या एन आई टी, और सचिवालय भर्ती घोटाले हों या महँगे बिजली पानी और सीमेंट का मुद्दा हो। हमारी युवा विंग ने इन जनहित के मुद्दों को जिस उत्साह से उठाया है उतने ही अच्छे परिणाम सामने आने लगे ,आनन फानन में कांग्रेस को भी गुड़िया प्रकरण पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी पड़ गयी जबकि गुड़िया प्रकरण कांग्रेस सरकार के समय का है।
हमारे पास सूझबूझ रखने वाले युवाओं का बड़ा कुनबा है।

आज के युवा में नेतृत्व क्षमता है तथ्यों की समझ है। इसीलिए युवा किसी भी संगठन की रीढ़ है। मुझे अपने कार्यकाल में युवाओं का भरपूर सहयोग और प्यार मिला । उनके इस सहयोग और प्यार के वलबुते ही हम प्रदेश में आम आदमी पार्टी की तरफ से हलचल पैदा करने में कामयाब हो पाए। और टीम वर्क की एक नई मिसाल संगठन में रखी । इसी तरह से भविष्य में भी हमारी टीम की बहुत सी योजनाएं हैं चाहे हम युथ विंग में हों या मेन बॉडी में। हमे तो संगठन के लिए काम करना है हमारी पूरी टीम एक जुट हो कर तहलका मचाने के लिए तैयार है। हमारा लक्ष्य हिमचल मे 2022 में आम आदमी पार्टी की सरकार और 2024 में देश के अंदर श्री केजरीवाल जी को प्रधानमंत्री बनना।

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