मंडी

रिश्वतखोर तहसीलदार के कार्यकाल की जांच करने की उठी मांग

7 माह सरकाघाट में तैनात रहा है ऊना में रिश्वत लेनें वाला आरोपी तहसीलदार

बार एसोसिएशन ने लगाया करोड़ों की ज़मीनें क़ब्ज़ाधारियों के नाम क़रनें का आरोप

(सरकाघाट )रितेश चौहान

तकसीम की एवज में 5 हज़ार की रिश्वत लेते विजिलेंस द्वारा रंगे हाथों गिरफ्तार किए गए ऊना के तहसीलदार विजय कुमार राय के खिलाफ अब सरकाघाट बार एसोसिएशन ने भी मोर्चा खोल दिया है ,बार एसोसिएशन के सदस्यों ने तहसीलदार के बतौर सरकाघाट के कार्यकाल में सरकारी जमीनों पर गैरकानूनी तरीके से अवैध कब्जा धारियों के कब्जों को रेगुलर करके उनके नाम कर देने का आरोप लगाया है ।

साथ ही नगर परिषद एरिया में करोड़ों रुपए की सरकारी जमीन बड़ी मछलियों के नाम इंतक़ाल कर देने का भी आरोप लगाया है । बार ने तहसीलदार के सरकाघाट में मात्र सात माह के अल्प कार्यकाल में इंतकाल तक्सीम और अवैध कब्जों को नियमित करनें की जांच विज़िलेंस से करवाने की मांग प्रदेश सरकार से की है ।

सरकाघाट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष एडवोकेट भारत बन्याल की अध्यक्षता में हुई बार की बैठक में पूर्व बार अध्यक्ष देशराज ठाकुर और सुरेश शर्मा सहित वरिष्ठ अधिवक्ता संजय ठाकुर वर्षा ठाकुर पीके परमार नवीन मल्होत्रा सहित अन्य कार्यकारिणी सदस्यों ने भाग लिया ।

बार ने आरोप लगाया कि तहसीलदार विजय कुमार राय का सरकाघाट में मात्र 7 माह का अल्प कार्यकाल रहा है और इस कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई सरकारी जमीनों पर गैरकानूनी तरीके से अवैध कब्जा धारियों के कब्जे के केसों में जल्दी-जल्दी पेशियाँ लगाई तथा कानूनी प्रक्रिया का पालन ना करके अवैध कब्जा धारियों को फायदा पहुंचाया और गैरकानूनी तरीके से अवैध कब्जों को रेगुलर कर दिया ।

यहां तक की इन राजस्व केसों की आगे अपील तक नहीं की गई जो कि एक बहुत बड़े गोलमाल और घोटाले की ओर इशारा करती है । उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिन अवैध कब्जा धारियों को सरकारी जमीन दी गई वह सरकाघाट की बड़ी मछलियां है और जो सरकारी जमीन अवैध कब्जा धारियों के नाम पर की गई वह नगर परिषद एरिया के अंदर है तथा उन ज़मीनों की कीमत करोड़ों रुपए है l बार के सदस्यों ने कहा कि इससे साफ जाहिर है कि मात्र 7 माह के अल्प कार्यकाल में तहसीलदार विजय कुमार राय ने बड़ी मछलियों को फायदा पहुंचा कर अपने पद का दुरुपयोग कर सरकार को चुना लगवाया है

बार ने सरकार से मांग की है कि उपरोक्त तहसीलदर की चल अचल संपत्ति की जांच भी करवाई जाए साथ ही सरकाघाट में अवैध कब्जों के जो भी मामले रेगुलर किए गए हैं उनकी सीबीआई से जांच करवाई l बार नें मांग की सरकाघाट के तहसीलदार के पद पर रहते हुए राय द्वारा इंतकाल तक्सीम और अवैध क़ब्ज़े नियमित करने का मामला अगर विजिलेंस से जांच करवाया जाता है तो करोड़ों रुपए का घोटाला सामने आएगा ।

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