काँगड़ा

बाईपास के लिए कथोली पंचायत की मीनू खड का तटबन्धीकरण अति आवश्यक


(कांगडा)मनोज कुमार

मीनू खड का स्थल तहसील देहरा की सकरी पंचायत में है ।सकरी पंचायत से उद्गमित होकर यह कटोरा खब्बल, कथोली पंचायतों के बीचोंबीच गुजर कर करीब डेढ़ किलोमीटर की यात्रा के बाद मानव निर्मित पोंग झील में समाहित हो जाती है ।इस डेढ़ किलोमीटर में इस खड पर रेलवे पुल सहित दो सड़क के पुल, दो-तीन मंदिर, गांव कथोली, खब्बल, कटोरा, वनतुंगली,लुदरेट के लोगों का श्मशान घाट ,आस्था एवं इतिहास प्रसिद्ध कोटेश्वर मंदिर, एक प्राइवेट व एक सरकारी स्कूल, जल शक्ति विभाग की दो पेयजल योजनाएं, वन सरकार के टूरिज्म हट्स, पंचवटी पार्क, आईस फैक्टरी सहित खड्ड के दोनों तटों पर सैकड़ों की आबादी है ।

आबादी के लोगों को मृतकों के अंतिम संस्कार करने हेतु खड के बीचों बीच गुजरना पड़ता है। बरसात के दौर में कंधे पर लाश को लेकर लांघना अत्यधिक दिक्कत भरा होता है। हालांकि यह अल्पकाल के लिए बहती है परंतु बरसात में खूब तांडव मचाती है। यह बात
डॉ एच एल धीमान कथोली ,नगरोटा सूरियां ने प्रैस मे विज्ञपति जारी कर कही। उन्होंने बताया कि इसका अधिकांश भाग कथोली पंचायत से लगता है। कथोली पंचायत ने बराबर इसे नाथने का कार्य किया है परंतु बरसाती जल प्रवाह सब कुछ तबाह कर देता है ।हर साल पंचायत द्वारा किया तटबंधीकरण जल प्रवाह के समक्ष टिक नहीं पाता, उल्टे बराबर और बार-बार सरकारी धन का नाश होता है। इसे नाथने के लिए इसका तटबंधीकरण ऊना जिला की स्वानंदी की तर्ज पर गहरी व चौड़ी नींव द्वारा आधुनिक तकनीक व पुख्ता ढंग से किए जाने की आवश्यकता है ।जिसके लिए मेगा बजट की जरूरत रहेगी।

करीब डेढ़ किलोमीटर के इस भाग का तटबंधीकरण यदि आधुनिक तकनीक से किया जाता है तो उस से असंख्य लाभ जहां की पंचायतों की जनता को हो सकते हैं। चौड़े ढंग से निर्मित तटबंधीकरण का सबसे बड़ा लाभ फालतू जमीन का उभरना, साथ में स्वयंमेव सड़क की उत्पत्ति से होगा जिसका उपयोग बाईपास के रूप में किया जा सकेगा ।

मीनू खड से दो किलोमीटर दूर नगरोटा सूरियां बाजार की ट्रैफिक व्यवस्था हद तक सुधर जाएगी क्योंकि देहरा, धर्मशाला व जवाली जाने वाले तीन-चार पंचायतों के बाहनधारक इधर से जाना पसंद करेंगे ।तटबंधीकरण से यहां भूमि के कटाव से होने वाले संभावित खतरे पर नकेल लगेगी, वहीं तट के साथ-साथ रहने वाली जनता भी राहत की सांस लेगी। कोटेश्वर मंदिर तक भक्तों की राह आसान हो जाएगी, वहीं मृतकों की अर्थियों को खड के बीचों बीच नहीं गुजरना पड़ेगा।

शब वाहन का उपयोग भी किया जा सकेगा ।लाखों की लागत से बने पंचवटी पार्क, वन सरकार के टूरिज्म हटस, जल शक्ति विभाग की दो पेयजल योजनाओं पर पर बरसाती पानी के खतरे टल जाएंगे। तटबंदीकरण के अंतर्गत कोटेश्वर मंदिर के साथ स्त्रियों व पुरुषों के लिए स्नानागारों का निर्माण किया जा सकेगा। वहां स्थित कुएं से जल की स्थाई व्यवस्था कर प्राणी के मरणोपरांत की जाने वाली परंपराओं में पिंडदान व कपड़े धोने की आस्थाओं का निर्वहन भी यहीं पर स्थाई रूप से किया जा सकेगा । जिसके लिए अभी तक कोई व्यवस्था इन इलाकों में नहीं है।

कथोली पंचायत से चौथी बार नगरोटा सूरियां जिला पार्षद वार्ड से जीती जिला परिषद सदस्य वीना धीमान ने भी अपने चुनावी सोच पत्र में बारास्ता मीनू खड्ड बाईपास बनाने का मुद्दा बनाया है। वहीं शिक्षक नेतृत्व से लोक नेतृत्व में आए कथोली पंचायत के प्रधान गुरचरण सिंह बेदी ने भी नूतन शैली से पंचायत के सर्वांगीण विकास की हुंकार भरी है। इससे लाभान्वित होने वाली पंचायत खब्बल के पूर्व प्रधान श्री धीरज अत्री ने हाल ही में खंड विकास समिति नगरोटा सूरियां के उपाध्यक्ष का जिम्मा संभाला है ।दोनों की स्थानीय विधायक अर्जुन ठाकुर से नजदीकियां व गलबहियां जगजाहिर हैं।

बीस हजार से अधिक जनता को लाभान्वित करने वाली इस योजना को वे अगर विधायक प्राथमिक सूची में डलवा कर नाबार्ड के माध्यम से फंड की व्यवस्था करवाते हैं तो योजना को रूपाकार मिलकर लोगों को फायदा हो सकता है। हालांकि रेल पुल में अंडरपास हेतु रेल विभाग की अनुमति एक हल्की सी अड़चन रहेगी, पर वह खुदा की अदालत नहीं है ।प्रयास में सफलता है ।वैसे भी यहां से बाईपास वनाए जाने का मसला पूर्व पार्षद पवन कुमार के कार्यकाल में भी व उससे पूर्व भी शासन के समक्ष उठाया जा चुका है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!