शानन विद्युत परियोजना में हुए हादसे के 24 घण्टे बाद 15 मैगावाट की दो टरवाईन को चालू करने में बोर्ड ने हासिल की सफलता

शानन परियोजना के बंद होने से प्रदेश की 66 मैगावाट की बस्सी परियोजना पर भी पडी मार

(जोगिंदर नगर)क्रांति सूद

जोगिंदर नगर के शानन में पंजाब सरकार के अधीन चलने वाली 110 मैगावाट की शानन विद्युत परियोजना में पैन स्टाक की पाईप फटने के लगभग 24 घन्टें बाद कपूरथला से बुलाई गयी विशेषयज्ञों की टीम द्वारा 15 मैगावाट की दो टरवाईन को चालू करने में बोर्ड द्वारा सफलता हासिल कर ली है। अभी 15 मैगावाट की अन्य दो तथा 50 मैगावाट की मेन टरवाईन को चालू करना बोर्ड के अधिकारीयों के लिये चुनौती बना हुआ है । शानन परियोजना के बंद होने की मार प्रदेश की 66 मैगावाट की बस्सी परियोजना पर भी पडी है।

बस्सी परियोजना भी गत 32 घन्टें से बंद रही है। जिससे कुल मिला कर दोनों परियोजनाओ से करीब 50 लाख का नुक्कसान देश का हुआ है। जोगेंद्रनगर की शानन परियोजना के बाद इसी के पानी को प्रदेश की 66 मैगावाट की बस्सी विद्युत परियोजना के उपयोग में लाया जाता है। शानन की परियोजना के ठप्प होने से प्रदेश की बस्सी परियोजना के स्ंवय के हाथ खडे हो जाते है यही हालत उहल चरण तीन परियोजना की भी भविष्य में रहेगी । हांलाकि 100 मैगावाट की उहल परियोजना को शुरू करना प्रदेश की विद्युत व्यास निगम लि.के लिये चुनौती भरा काम हो गया है। गत वर्ष 17 मई 2020 को परियोजना के टैस्टिग के दौरान इसके भी पैन स्टाक फट गया था अब ठीक 11 माह बाद 17 अप्रेल 2020 को शानन की पेनस्टाक की पाईप के फ टने से स्वाल उठने स्वाभाविक है , उहल परियोजना की पेनस्टाक बदलने की बात की जाये तो 1000 करोड रू अन्य खर्च होने की बात कही जा रही है।

परियोजना के करीब 932 मीटर के पूरे पैनस्टाक को बदलने पर विभाग विचार कर रहा है। यानि शानन परियोजना पर ही अन्य दोनों प्रोजेक्टों का भविष्य निभर्र करता है प्रथम चरण मेंं शानन दूसरे में बस्सी तथा तीसरे चरण में उहल प्रोजेक्ट के उपयोग में यह पानी लाया जाना है लेकिन शानन बंद तो अन्य दो परियोजनाओं पर भी इसका व्यापक असर पडता है।
हांलाकि शानन परियोजना को लेकर प्रदेश व पंजाब सरकार के बीच 99 वर्ष की लीज का समझौता हुआ है इस एग्रीमैन्ट से तहत यह लीज 2024 मे समाप्त हो रही है 99 साल के लीज के बाद यह परियोजना प्रदेश को सौपे जाने की बात कही गयी है जैसे जैसे 2024 नजदीक आ रहा है वैसे-वैसे परियोजना की अनदेखी के आरोप भाजपा तथा अन्य संगठनों द्वारा लगाये जाते रहे है ।

स्व. सांसद रामस्वरूप शर्मा तथा भाजपा के वरिष्ठ नेता ठा.गुलाब सिहं इस मुद्वे को उठाते रहे हैं,जिसमें पंजाब सरकार पर परियोजना की अनदेखी के आरोप लगाये गये थे कहा गया था कि परियोजना पर पंजाब सरकार फूटी कौडी खर्च नहीं कर रही है। जिससे परियोजना की हालत बेहद चिंता जनक है,हांलाकि संसद मे यह मुद्वा उठने के बाद पंजाब सरकार द्वारा यहां पर रोपवे ट्राली के सलीपर बदलने से लेकर अन्य उपकरणो पर करीब 15 करोड रू की राशी खर्च जा रही है,लेकिन पीक सीजन से ठीक पहले परियोजना की पैन स्टाक की पाईप फटने तथा जनरेशन लास होने से देश को करीब 50 लाख रू का चुना तो अवश्य लगा है।

परियोजना के अधीक्षण अभियन्ता हरीश शर्मा ने पत्रकारों को बताया कि इस समय 48 मैगावाट जनरेशन योग्य पानी आ रहा है। जिससे एतवार दोपहर बाद 15 मैगावाट की दो टरवाईन को शुरू कर दिया गया हैं, जबकि तीसरी की टैस्टिगं का कार्य शुरू किया गया है। उन्होनें कहा कि 3 फीट लम्बी 6 ईन्च चौडी डाय की पाईप के फ टने से जलभराव हुआ लेकिन विभाग के कर्मीयों की 24 घन्टें मेहनत के चलते प्रोजेक्ट को चालू कर दिया गया है। उन्होनें लापरवाही के आरोपो को नाकारा ।

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