कुल्लू

वैशाख महीने की नई साल की खुशी में लोक गायक हीरालाल जोशी लेकर आए हैं एक पारंपरिक गीत”आयी, रितड़ी, बड़ी प्यारी”

 

 

स्वतंत्र हिमाचल
(आनी) विनय गोस्वामी

 

छोटी काशी निरमंड जिला कुल्लू की संस्कृति व पुराने लोकगीतों को चार चांद लगाने वाले सुप्रसिद्ध हिमाचली लोक गायक हीरालाल जोशी किसी परिचय के मोहताज नहीं है।

बता दे हीरालाल जोशी दशकों से आउटर सिराज की संस्कृति को संजोए रखते हुए, पुराने ऐतिहासिक लोकगीतों के माध्यम से इन दिनों वैशाख महीने की नई साल की खुशी में संगीत प्रेमियों को एक गीत जल्दी ही यूट्यूब चैनल “जोशी प्रोडक्शन” पर रिलीज होने वाला है। लोक गायक हीरा लाल जोशी ने बताया की उनका खुद का लिखा गाना “आयी, रितड़ी, बड़ी प्यारी” जिसमें वसंत ऋतु के पावन अवसर पर एक परंपरा पर आधारित पहाड़ी रीति-रिवाजों को साझा करते हुए।

वैशाख महीने की नई साल की खुशी में लोग कड़ाके की सर्दी को झेल कर एक नई रीत में प्रवेश करने के बाद वैशाख महीने में लोग अपने घरों को लाल मिट्टी की लिपाई करके और रंग रोगन लगाकर अपने घरों को सजाते हैं । सर्दी के गर्म वस्त्र को छोड़कर बसंत ऋतु के वस्त्र पहनते हैं । और लोग अपने खेत खलियान से बसंत ऋतु के आने की खुशी में गांव की औरतें मिलजुल कर गीत गाती है । जो कि इस गीत के माध्यम से सभी संगीत प्रेमियों के लिए गायक हीरालाल जोशी ने इस गीत को लिखा है ।

वीडियो के माध्यम से सभी गीत प्रेमियों को समर्पित किया है। हीरालाल जोशी की पहली एलबम 1996 में “तमन्ना” निकली थी, और उसके बाद 1998 में आकाशवाणी शिमला रेडियो स्टेशन, दूरदर्शन, और आस्था ,चैनल दिल्ली से भी अपने गीत और भजनों की प्रस्तुति दे चुके हैं और हिमाचल प्रदेश के अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रस्तुति दे चुके हैं। और इन दिनों हीरालाल जोशी आनी उपमंडल के महिला मंडल पनोखल की महिलाओं और गांव वासियों के साथ शूटिंग कर रहे हैं। जिसमें आउटर सिराज के पर्यटन स्थल पनेऊ रेस्ट हाउस, नौनू कंडे, में शूट कर रहे हैं। गाने के बोल “आयी रितड़ी बड़ी प्यारी” है। इस गीत को मशहूर संगीतकार गुलाब जनदेव ने सजाया है।

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