परिसर सौंदर्यकरण कार्यक्रम के नाम पर विवी परिसर का हो रहा राजनीतिकरण : एनएसयूआई

(शिमला)ब्यूरो

एनएसयूआई राज्य सचिव रजत सिंह राणा ने कहा कि करोना काल में जहा देश विपदा से लड रहा है वहीं हिमाचल विवी के कुलपति अपने तुगलकी फरमान से अब हिमाचल के ह्रदय पर कुठाराघात करने जा रहे है । हिमाचल के वीर पुरुष यशवंत सिंह परमार की प्रतिमा विश्व विद्यालय में स्थापित है क्योंकि उन्होंने इस विवि की नीव रखी और हिमाचल को आधार दिया । किंतु कुलपति परिसर में अटल जी की मूर्ति को स्थापित करने जा रहे है जिनका सम्मान पूरा देश करता है अब प्रश्न यह है कि वीवि के निर्माण में अटल की भूमिका क्या थी और क्या हिमाचल के वीर सपूतों के बलिदानों को कुलपति अपने राजनीतिक आकाओं की सेवा के लिए धूल में मिला देंगे ।

 

करोना में गरीब छात्रों के पैसे वसूल कर मूर्तियों पर उन्हें खर्च कर कुलपति अपनी मूर्खता का प्रमाण दे रहे है । राष्ट्र सेवा राष्ट्र के भविष्य को आधार देकर होती है नाकी उनका खून चूसकर ,मूर्तियां बनाकर । करोना काल में विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों से 1000 ₹ रेजिस्ट्रेशन के नाम से फीस बसूली जा रही है जो पहले नही लगती थी और प्रवेश परीक्षा की फीस छात्रों के कंधो पर वेताल की तरह सवार है और तुगलकी कुलपति उस धन में मूर्तिया बनबा रहे है ।हिमाचल में साथ यदि ऐसा छल करके कुलपति हिमाचल के आदर्श पुरुषों के बलिदानों की चिता जला रहे है । परिणाम उन्हें भुगतना होगा । अटल जी देश के प्रिय है उन्होंने जीवन पर राष्ट्र को आधार दिया । छात्रों का खून चूसकर उनके आदर्शो की चिता जलाकर कुलपति मूर्तिया बनना रहे है ।

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