जलशक्ति विभाग में हुए घोटालों की जाँच करवाए सरकार : माकपा

सीएम का अभद्र ब्यान देना मंत्री महेन्द्र की संगत का असर
तुम भी खाओ हम भी खाएँगे की तर्ज़ पर काम कर रही भाजपा सरकार

 

(सरकाघाट)रितेश चौहान

हिमाचल दिवस के मौके पर पधर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री ने विपक्षी पार्टी के नेताओं को खाल में रहने की धमकी दी और ये भी चेताया कि उनके पास विपक्षी पार्टी के घोटालों की लंबी लिस्ट है और वे सरकार के ख़िलाफ़ ऐसे ही बोलेंगे तो वे उन्हें उज़ागर करेंगे।मुख्यमंत्री के इस ब्यान को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने बहुत ही निम्न स्तर का और गैरजिम्मेदाराना बताया है।पार्टी के नेता व पूर्व ज़िला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह ने कहा कि इस ब्यान से ये साबित हो गया है कि यदि मुख्यमंत्री कथित घोटालों को इसलिए उज़ागर नहीँ कर रहे हैं कियूंकि उनके ख़िलाफ़ कोई आवाज़ नहीं उठाता है और यदि कोई विपक्षी उनकी ख़िलाफ़त करेगा तभी वे घोटालों को उज़ागर करेंगे या जरूरत पड़ी तो कर्यवाई भी कर सकते हैं।

इस ब्यान से उनकी प्रशासनिक कमज़ोरी ही सामने आई है और भ्र्ष्टाचार के साथ अपने फ़ायदे के लिए समझौता करने की सोच ही सामने आई है।भूपेंद्र सिंह ने ये भी कहा कि भाजपा सरकार जो गत वर्ष कोरोना की किटें ख़रीदने व अन्य घोटालों पर पर्दा डालने का काम कर रही है और जल शक्ति विभाग में भी बड़े पैमाने पर भ्र्ष्टाचार के आरोप लगे हैं लेकिन वे उनकी निष्पक्षता से जांच नहीं करवा पाये हैं जिससे स्पस्ट है कि वे विपक्ष को अपनी सरकार के काले कारनामों के बारे विपक्ष को मुंह बंद रखने की धमकी दे रहे हैं ताकि इस सरकार के भ्र्ष्टाचार पर पर्दा पड़ा रहे।इससे ये भी निष्कर्ष निकलता है कि तुम भी खाओ-हम भी खाएंगे और यदि मुहं खोला तो तुम जेल जाएंगे अन्यथा नहीं।इससे साफ़ है कि मुख्यमंत्री अपनी सरकार व पिछली सरकार के सभी घोटालों को छुपाना चाहते हैं जो बहुत ही निंदनीय है और उन्हें इसके बारे स्थिति सपष्ट करनी चाहिए और भ्र्ष्टाचार के ख़िलाफ़ कड़ी कार्यवाई करनी चाहिए।

हिमाचल दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में विपक्ष को अपनी खाल के अंदर रहने वाली भाषा का इस्तेमाल भी उचित नहीं था और उन्हें इस बात पर माफ़ी मांगनी चाहिए।भूपेंद्र सिंह ने ये भी कहा कि इसी प्रकार की भाषा कुछ साल पहले उनकी सरकार में वर्तमान में सबसे वरिष्ठ मन्त्री ने भी विधान सभा में कहे थे जिनके प्रभाव व मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री आज़कल सभी काम करते हैं और हो सकता है उनकी संगत का असर अब कथित रूप में “ठेठ सराजी” मुख्यमंत्री पर भी हो गया है जो इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं जो उनके स्वभाव के विपरीत है।माकपा ने मांग की है कि अगर मुख्यमंत्री के पास वास्तव में ही घोटालेबाजों की लिस्ट है तो वे जल्दी उसे उज़ागर करें और उनके ख़िलाफ़ कार्यवाई करें अन्यथा इसके लिए प्रदेशवासियों से माफ़ी मांगे।

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